गुरु कैसा हो ?
अन्त : करणकी शुद्धिके अनुसार ज्ञानके अधिकारी तीन प्रकारके होते हैं— उत्तम , मध्यम और कनिष्ठ । उत्तम अधिकारीको श्रवणमात्रसे तत्त्वज्ञान हो जाता है । मध्यम अधिकारीको श्रवण , मनन और निदिध्यासन करनेसे तत्त्वज्ञान होता है । कनिष्ठ अधिकारी तत्त्वको समझनेके लिये भिन्न – भिन्न प्रकारकी शंकाएँ किया करता है । उन शंकाओंका समाधान करनेके …